यह आसमा यह धरती यह हवाएं और यह मंजर सब चीख चीख कर कह रहे हैं कि कब तुम पिता का कर्ज चुकाओगे!! और मां बैठी है देहरी पर कि मेरा लाल आएगा जीवन बदल जाएगा ऐसा करके कब अपनी मां को दिखाओगे!!
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