इस फरेब की दुनिया में,
मुझे दुनियादारी नही आती,
झूठ को सच साबित करने की,
मुझे कलाकारी नही आती,
जिसमें सिर्फ मेरा हित हो,
मुझे वो समझदारी नही आती,
शायद मैं इसीलिए पीछे हूं,
कि मुझे होशियारी नही आती,
बेशक लोग ना समझे मेरी वफादारी,
मगर मुझे गद्दारी नही आती ,
इसीलिए मैं भाई का छोटा भाई लिखता तो हू,
पर मेरी लिखी बात में समझदारी नजर नहीं आती.....✍️
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