Life Quotes

Posted On: 11-09-2022

एक दिन मंजिल भी मिल जायेगी तुम परेशान न होना । चलते रहो इन पत्थरों पर बस शर्त है कभी दिल से हार न होना ।।

Posted On: 11-09-2022

तू भी तन्हा मैं भी तन्हा चल खामोशी आज वो बात करें । दर्द जख्म दवा दगा जो कुछ भी सौगात में मिला , उसका दिल से धन्यवाद करें ।।

Posted On: 11-09-2022

गुस्सा मायूसी और नखरो से कह दो कि अब हमने मनाना छोड़ दिया है।

Posted On: 11-09-2022

मुझे मतलब की तराजू में न तोल ए-दिल-ए-सौदागर मैं आज भी उस पराये शख्स को खुद से ज्यादा चाहता हूं ।

Posted On: 30-07-2022

Posted On: 23-07-2022

Posted On: 21-07-2022

इतनी मेहनत करो की सपने मजबूत हो जाए पुरे होने के लिए।

Posted On: 12-07-2022

मेरा जीवन एक खुला किताब है | हर कोई जानने को रहता बेताब है | मेरे जीवन से प्रेरणा हैं सब लेते | मान सम्मान मुझे हैं देते |

Posted On: 07-07-2022

मंजिल दूर नहीं मंजिल दूर नहीं कोशिश तो करके देख जिंदगी मिली है भीख नहीं जीकर तो देख खुद को कमजोर समझेगा कब तक गुरुर करके तो देख सब से आगे खुद को ही समझेगा भरोसा करके तो देख। शिवकुमार बर्मन ✍️

Posted On: 06-01-2022

Saree zindagee hum koshish karty rahay. Toba ka sajada karnasky. Zindgee yuhee guzarti gayee gunahu mai yuhee uljatee gayee

Posted On: 22-12-2021

मौत को तो यूही बदनाम करते ह लोग.. तकलीफ तो जिंदगी देती है।

Posted On: 18-10-2021

Posted On: 31-05-2021

" Ae Zindagi " Yu to samajh hi Gaya tha tujhko Ae Zindagi Fir bhi kyu Roz kuch naya Sikha Jaati hai Mujhko Baatein Kuch Nayi Bta Jaati Hai mujhko Yun to milaya Kitne hi Apno logo se tune Par kitne hi Apno ko paraya Bana Jaati hai har roz Yun to jiye hum tujhko Jee Bhar ke Ae Zindagi Fir bhi ek khaalipan sa mehsoos Kara Jaati hai roz Khwaishe bhi di hai mujhko hazaar tune Khwaishe bhi di hai mujhko hazaar tune Par adhuri khwaisho ka dard bi de jaati hai har roz Jaane kuch kitna sikha jaati hai roz Baatein kuch nayi bta Jaati hai roz

Posted On: 09-05-2021

Posted On: 26-03-2021

✍️....मेरे अल्फ़ाज़💕 धूप में तपता कभी न थकता ठंड में ठिठुरता कभी न गिरता, बारिश में भीगता कभी न हारता, वो एक इंसान हूँ मै... हर भावनाओं को मार के मन मैं, निरंतर खड़ा रहा रहता हूं मैं, अपनी खुशियों के पलों को , सीने में दफ्न कर डिगा हूं ।मैं वो एक इंसान हूँ मै... काम आ गया तो अच्छा हूँ मैं काम न आया तो बुरा हूं मैं, नज़रो में चढ़ा तो कभी उतरा हूँ मै, वो एक इंसान हूँ मैं... कोई घर की भड़ास निकाले, कोई मन की भड़ास निकाले, फिर अपने जगह पर खड़ा हूँ मै.. वो एक इंसान हूँ मै... क्या दिन और क्या पहर हर हालात से लड़ता हूँ मै.. कभी खुशी तो कभी तपन हर पहलुओं से गुज़रा हूँ मैं... वो एक इंसान हूँ मै... दफन कर ख्वाहिशो को सीने में नित्य दिन फ़र्ज़ निभाता हूँ मैं बिना गलती के कर्ज चुकाता हूँ मै वो एक इंसान हूँ मैं... कर हौसलो को बुलंद मन मै एक उम्मीद लगाए बैठा हूँ मै आएगा एक दिन नया सवेरा ये आस लगाए खड़ा हूँ मैं.... वो एक इंसान हूँ मैं....