खुदा की रहमत में अर्जियाँ नहीं चलतीं, दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलतीं, चल ही पड़े हैं तो ये जान लीजिए हुजुर, इश्क़ की राह में मनमर्जियाँ नहीं चलतीं !
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