कल न हम होँगे न कोई गिला होगा, सिर्फ सिमटी हुई यादोँ का सिलसिला होगा, जो लम्हेँ है चलो हँस कर बिताईये, जाने कल जिन्दगी का क्या फैसला होगा।
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.