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Love Shayari · A moment in words

Love Shayari

मासूम है लहजा उसका और भोली सी सूरत है नाज़ुक बदन तराशा हुआ वो बहुत खूबसूरत है रब ने बनाया है उसको कुछ इसतरह सलीक़े से कायनात बसती है उसमें खुशियों की इनायत है ख़्वाहिशों से आँख भरी है दिल मुहब्बत से भरा हर इक बात दुआ लगती है जैसे कोई इबादत है टूट गए हैं सब पैमाने अदा अंदाज़ मुख़्तलिफ़ है बेहिसाब हुस्न की मल्लिका या कोई क़यामत है बच्चों सी मुस्कान उसकी, बच्चों सी भोली बातें बच्चों सी अठखेलियाँ कुछ बच्चों सी शरारत है किससे मुहब्बत है उसको, किसके मुक़द्दर में है न मालूम दुनिया की बातें वो बस मेरी ज़रुरत है

A conversation in words

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