ऐ सनम मैं तेरे लिए बदनाम हो जाऊं, तू अपनी ओर खींचे वो लगाम हो जाऊं, किसी और मंजिल की चाह नहीं मुझको, सिर्फ तेरी ही गलियों में गुमनाम हो जाऊं।
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.