हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया, औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया, पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को, औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया |
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