चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो, सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो, कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू, सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
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