तुम हसीन हो, गुलाब जैसी हो, बहुत नाज़ुक हो ख़्वाब जैसी हो, होठों से लगाकर पी जाऊं तुम्हे, सर से पाँव तक शराब जैसी हो।
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.