बहुत लहरों को पकड़ा डूबने वाले के हाथों ने, यही बस एक दरिया का नजारा याद रहता है, मैं किस तेजी से जिन्दा हूँ मैं ये तो भूल जाता हूँ, नहीं आना है दुनिया में दोबारा याद रहता है।
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.