Sad Shayari

Posted On: 07-12-2022

🌸 बहुत फर्क है उसमे और मुझ में, वो मेरे प्यार को मजाक समझती है और में उसके मज़ाक को प्यार समझता हूं 🌺

Posted On: 20-11-2022

क्या करोगे तुम इस झूठी मुस्कान का जब अंदर खुद को तन्हा पाओगे. क्या करोगे तुम इस दिल का जब पहले से इसे टूटा पाओगे. क्या करोगे दीपक की रौशनी का जब जीवन में अन्धकार पाओगे. क्या करोगे इतनी दौलत का जब खुद को कब्र में पाओगे. आखिर करोगे क्या तुम जब लोगो को तुम पर हस्ता हुआ पाओगे.

Dusman jal rhe hai 😈 ki dusman jal rhe hai fir bhi ham chal rhe hai😈😈😈😈😈

Posted On: 23-09-2022

"दिनभर तुम याद आती हो"॥ "हर तरफ तुम -ही-तुम नज़र आती हो"॥ "करते हुए तुम्हे याद मेरी आंखें भर आती है"॥ "फिर अचानक तुम्हारी तस्वीर मेरी आंखों के सामने आ जाती है"॥

Posted On: 18-09-2022

Ye maut, ye kabr, ye janaaze, Sirf Baatein hain mere dost . Warna Mar to insaan tabhi jata hai jab use koi yaad krne wala na ho....💔

Posted On: 15-09-2022

अक्सर निकल जाता हूं रातों में, उन पुरानी गलियों में, उस खाली मकान को देखने।

Posted On: 11-09-2022

दुनिया को छोड़कर एक तुझे ही वे वजह अपनाया । फिर भी मैं तुझे सस्ता लगूं तो मैंने क्या पाया ।।

Posted On: 11-09-2022

मुर्दे की खामोशी कुछ ऐसी है जब रूह ने ही साथ छोड़ दिया तो अपनों से ये शिकायत कैसी है ।

Posted On: 11-09-2022

मुफ्त में मिलने मोहब्बत को कैसा पाकर खोना था जब मैं उसका कभी था ही नहीं तो फिर किस बात का रोना था । शायद मजबूरी ही शामिल थी उसकी तबीयत बदलने में मेरा क्या है वो आबाद रहे मुझे तो यूं ही मज़ा आता है अब तन्हा गुजरने में ।।

Posted On: 11-09-2022

वह मुझसे बिछड़कर जमाने भर के लोगों सा जा मिला । उसे उस जैसे तो बहुत मिले पर मुझसा कोई न मिला ।।

Posted On: 11-09-2022

कुछ बिखर से गये कुछ टूट से गये वो सपने ही तो थे जो मेरी हाथों की लकीरों से कुछ छूट से गये ।।

Posted On: 11-09-2022

तेरा अहसास मुझे कभी तन्हा होने नहीं देता मेरा जख्म भी कैसा अजीब है दर्द तो होता है मगर किसी को दिखाई नहीं देता ।।

Posted On: 11-09-2022

अब तो मुलाकात भी हमसे यूं खफा हो जाती । मैं उसके शहर नहीं जाता और वो मेरे शहर नहीं आती ।।

Posted On: 11-09-2022

फूल भी अब तो तेरे स्वागत में खिल उठे यह बहार भी देख सुहानी आयी । बस मेरी तकदीर ही तो मुझसे रूठी थी पर तू क्यूं न मिलने पगली मुझसे वापस आयी ।।

Posted On: 11-09-2022

पता है ओ आसमां तुझे ज़मीं याद करती है । शायद चांद खिड़की पर खड़ा है जो मेरी आंखें बात करती हैं ।।