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Poetry · 1 chapter

Birds

Chapter 1

Birds

कलरव करती सारी चिड़िया,

लगती कितनी प्यारी चिड़िया |

दाना चुगती, नीड बनाती,

श्रम से कभी न हारी चिड़िया |

भूरी, लाल, हरी, मटमैली,

श्रंग-रंग की न्यारी चिड़िया |

छोटे-छोटे पर है लेकिन,

     मीलो उड़े हमारी चिड़िया ||