मां बाप तो बोझ लगे, पत्थर लगे गणेश
पानी के बिना नदी बेकार है,
अतिथि के बिना आंगन बेकार है,
प्रेम ना हो तो सगे-संबंधी बेकार है,
पैसा न हो तो पॉकेट बेकार है
और जीवन में गुरु न हो तो जीवन बेकार है|
इसलिए जीवन में गुरु जरूरी है, गुरुर नहीं
प्रभु कहते हैं……..!!
होती आरती बजते शंख,
पूजा में सब खोए हैं,
मंदिर के बाहर तो देखो भूखे बच्चे सोए हैं|
एक निवाला इनको देना,
प्रसाद मुझे चढ़ जाएगा,
मेरे दर पर मांगने वाले,
तुझे बिन मांगे सब मिल जाएगा|