Poem Hindi
प्रात: होते ही चिड़िया रानी, बगिया में आ जाती,
चूं चूं करके शोर मचाकर बिस्तर में मुझे जगाती |
तिलगोजे जैसी चोंच है उसकी,
मोती जैसी आंखें |
छोटे छोटे पंजे उसके
रेशम जैसी आंखें |
मीठे मीठे गीत सुनाकर,
तू सबका मन बहलाती |
छोटे छोटे दाने चुग कर
बड़े चाव से खाती |
चारो तरफ फुदक फुदक कर,
तू अपना नाच दिखाती |
नन्हे नन्हे तिनके चुनकर,
तू अपना घोंसला बनाती |
रात होते ही झट से
तू घोंसले में घुस जाती |
पेड़ो की शाखाओ में तू,
अपना बास बनाती |