जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,
मै खुद को नही देखता औरो की नजर से….!!!
Writer’s notebook
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चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये,
बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये.....!!!
गुनाह है गर इश्क तो,
कबूल है मुझे हर सज़ा इश्क की…..!!!
अगर कोई बात बुरी लगे तो दो तरह से सोचना ;
अगर बात जरुरी हो तो इंसान को भूल जाओ और "
अगर इंसान जरुरी हो तो बात को भूल जाओ ||
मैदान में फिर आ रहा हूँ |
इस बार किस्मत के भरोसे नहीं
अपनी मेंहनत के भरोसे खेलेंगे ||
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