तुमने देखा ही मेरे नहीं कॉलेज का जमाना
तुमने शायद देखा ही नहीं मेरे कॉलेज का जमाना
लड़किया मर जाती थी मेरे नाम पर
Writer’s notebook
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हम दिसम्बर तुम जनवरी हो यदुवयीन
रिश्ता काफी नजदीक का है और दुरी साल भर की ...|||
तुम अपनो को खुश रखो ;
हम पराये ही ठीक है !!!
कमाल की मोहब्बत थी उसे मुझसे
उसे किसी और का भी होना था
और मेरा भी बने रहना था ||||
]एक लड़की एक लड़के को इसलिए नहीं समझ पाती है |
क्योकि उसे गुरुर होता है कि मुझे चाहने वाले हजारो है |||
नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से,
मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले......!!!
चिराग कोई जलाओ की हो वजूद का एहसास,
इन अँधेरों में मेरा साया भी छोड़ गया मुझको......!!!
आपकी यादें भी हैं, मेरे बचपन के खिलौनो जैसी,
तन्हा होते हैं तो इन्हें ले कर बैठ जाते हैं….....!!!
तेरे ही अक्स को तेरा दुश्मन बना दिया
आईने ने मज़ाक़ में सौतन बना दिया…....!!!
तू रूठी रूठी सी रहती है ऐ जिंदगी,
कोई तरकीब बता तुझे मनाने की,
मैं साँसें गिरवी रख दूंगा अपनी,
बस तू कीमत बता मुस्कुराने की........!!!
साला दिल तो सिने मैं होता है,
पर जब टूटता है,
तो दर्द पुरे जिस्म मैं होता है….....!!!
समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया तुमने,
तुम कहते तो सही.... किनारे पर ही डूब जाते हम…...!!!
परेशान न हो मै गम मै नहीं हुं,
सिर्फ मुस्कराने की आदत चली गई हैं.......!!!
क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज,
हाल हमारा पूँछ कर,
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं......!!!
काश !!
किस्मत भी नींद की तरह होती,
हर सुबह खुल जाती…...!!!
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