Skip to content
ShayariBooksA home for words.
Shayari Books writer

Indrakant Singh

New Delhi

CEO and Founder Possible Deal

Graduate Rajendra Prasad College

2 published pieces1 followers0 following Log in to follow
Writer’s notebook

The writing of Indrakant Singh

Thoughts, feelings and moments shared with the community.

Share your writing ↗
2 piecesLatest published writing · Page 1
Jokes
मोदी---मैने कत्ल किया है जज --लाश कहां है ? मोदी---लाश मैने जला दी जज--वो जगह दिखाओ जहां लाश जलाई थी मोदी-मैने वो सारी जमीन खोद दी जज--तो खोदी हुई मिट्टी किधर है ? मोदी--उसकी मैने ईंटे बना दी जज --तो वो ईंटे दिखाओ मोदी---मैने उनसे मकान बना लिया जज --वो मकान किधर है ? मोदी ---भूंकंप मे गिर गया जज--तो मलबा किधर है ? मोदी ---वो मैने बेच दिया जज--किसको बेचा ? मोदी ---पडोसी को जज --पडोसी को बुलाओ मोदी ---वो मर गया जज ---किसने मारा ? मोदी ---मैने मारा जज --तो लाश किधर है ? मोदी ---लाश मैने जला दी जज--अबे उल्ले के पट्ठे ,तूने मर्डर किया है या सर्जिकल अटैक किया है ,,हत्या को कबूल भी किये जा रहा है और कोई सबूत भी नही दे रहा
Jokes
एक बार अकबर की जोधा खो गई तो अकबर ने बीरबल से पूछा की हम जोधा को क्यों नहीं ढूंढ पा रहे है तो बीरबल ने कहा महाराज आप मुग़ल है गूगल नहीं !!

Your voice belongs here.

Share a thought, a poem or a story with the community.

Start writing ↗