"मैंने खुदा से पूछा ,
क्यों छोड़ गया वो सक्श मुझे ,
क्या उसकी मजबूरी थी,,
खुदा ने मुस्कराकर कहा,
ना गलती उसकी थी ना कुसूर तेरा था,
यह कहानी मैने लिखी है अधूरी थी।।।"
गहलौत ✍️..
Writer’s notebook
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आंखों में नींद दिल में दर्द सोया है,
हसने वाला क्या जानें रोने वाला किस कदर रोया है,
ऐ तो वहीं जान सकता है मेरी तन्हाई का आलम ,
जिसने किसे को पाने से पहले खोया है।
गहलौत ✍️..
सुना है बहुत समझ दार हो तुम,
हमारी ख़ामोशी भी समझो ज़रा,
कह सकूं वो अल्फाज़ मेरे पास नहीं,
बिना कहे बयां कर दूं वो हुनर मुझे आता नही है।
गहलौत ✍️..

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