अभी जीने को और भी लम्हे मिल जायेंगे,
शायद कई प्यार करने वाले मिल जायेंगे,
पर उसकी यादो का क्या करूँ उन मुलाकातों का क्या करूँ,
जालिम ना सोने देती है और ना ही किसी और का होने देती है।
Writer’s notebook
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अभी जीने को और भी लम्हे मिल जायेंगे,
शायद कई प्यार करने वाले भी मिल जायेंगे,
पर उसकी यादो का क्या करूँ उन मुलाकातों का क्या करूँ,
जालिम ना सोने देती है और ना ही किसी और का होने देती है।
कम्बख्त मदहोश हुआ जाता है ये दिल उसकी हर एक याद पर,
के बड़ी शिद्दत से लिखा था उसका नाम दिल की दीवार पर..
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