झूम उठते है दिल सभी के
इसके गीतो के तराने से
जुड जाते है टूटे सम्पर्क
बस झूलने के बहाने से ।
इस तीज के पावन मौके पर
Writer’s notebook
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हरियाली तीज...
हल्की-हल्की फुहार है
ये सावन की बहार है
संग यारो के झूले आओ
आज तीज का त्यौहार है ।
आया तीज का त्यौहार,
सखियों हो जाओ तैय्यार,
मेंहंदी हाथो में रचा के,
कर लो सोलह श्रृंगार,
चूड़ी खन खन खनके,
मिलकर झूला झूले आओ
एक दूजे के सहयोग से
आसमान को छूले आओ ।
गुजियाँ खाओ, घेवर खाओ
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