आप अपनी सोच सकारात्मक रखे,
क्योकि ये आपके शब्द बन जाते हैं ।
आप अपने शब्द सकारात्मक रखे ,
क्योकि ये आपका ब्यवहार बन जाती है।
आप अपना ब्यवहार सकारत्मक रखे ,
क्योकि ये आपकी आदते बन जाती है ।
और आप अपनी आदते सकारात्मक रखे ,
क्योकि ये आदते आप आपकी बैलयु बन जाती है ।
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Priyanka Yadav
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
सपनो की मन्जिल यु बनाया नहीं करते ,अपनो से दुरी यु दिखाया नहीं करते ,यदि चाहत थी तो आप हमे अजमा कर देख लेते ,पर सच्चे लोग हर किसी से यु सम्ब्न्ध बनाया नहीं करते।
सोचा था कभी आप के साथ जिंदगी निभायेंगे,साथ रहेंगे हर दम और हम भी मुस्कुरायेंगे, था यकीन इतना की चाहत अपनी चाँद के पर लेजायेंगे ,पर कभी न सोचा था की आप हम को इस तरह रुलायेंगे।
एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर जाता है और भगवान बन जाता है इंसान हर रोज मंदिर जाते है फिर भी पथ्थर ही रहते है। ........ ये जरूरी नहीं है की रोज मंदिर जाने से धार्मिक वन जाये लेकिन कर्म ऐसे होने चाहिए की इंसान जहां भी जाये मंदिर वहा बन जाये !
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗