अकेलापन मुझे मेरा घर लगता है, नींद आती नही रातों को मुझे अब सोने मे भी डर लगता है, इतने टुकड़े हुए हैं मेरे दिल के अब मौत से ज्यादा मोहब्बत से डर लगता है
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