नजर और नसीब में क्या ही फर्क होता है,
नजरो को वही चीज़ पसंद आती हैं जो नसीब में नही होती.....
Writer’s notebook
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मैं तुम्हारे साथ हूं ये कहने वाले अक्सर छोड़ ही जाते है.....
मुझे बहुत प्यारी हैं तुम्हारी दी हुई हर निशानी ,
अब चाहे दिल का दर्द हो या आंखों का पानी...
मत कर हिसाब मेरे प्यार का,,,
कहीं ऐसा न हो कि तू ही कर्जदार निकले
शायरी में कहाँ सिमटे है दर्द दोस्तों,,
बस दिल बहला रहे हैं काग़ज़ों के टुकड़ों से
तुम बेवफा ही सही,
पर आज भी तुम्हारे दर्द से मुझे दर्द होता है......
कितना मुश्किल है मोहब्बत की कहानी लिखना,,
जैसे पानी से पानी पर पानी लिखना हो.....
जो कदर नही करता उसके लिए लोग रोते हैं,,
जो कदर करता है, उसे लोग रुलाते है
प्यार का रंग क्या है आज तक समझ नही आया था,
तुमसे मिलने के बाद हर रंग से मोहब्बत हो गयी
कुछ रास्ता लिख देगा, कुछ मैं लिख दूँगा,
तुम लिखते जाओ मुश्किलें, मैं मंजिल लिख दूँगा
हर तरफ देखा उसे, अब तो कदमों ने भी हार मान ली
मैं नासमझ सही पर वो तारा हूं,
जो तेरी खुशी की खातिर सौ बार टूट जाऊँ
उसने कोशिश बहुत की कि टूट जाऊँ मैं,
कोई समझाओ उसे टूटा हुआ कितना टूटे......
अलविदा ही कहना था तो जिंदगी में आए क्यूँ,
जुदा होना ही था तो दिल से लगाया क्यूँ......
दिल टूटा भी तो अपनी मर्जी से,
उसने कब कहा था तुम मोहब्बत करो.......
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