गुलाबो के खुशबू बाजारो मैं है । तुम जैसे खूबसुरत लाखो हजारो मैं है।। तुम हुस्न परी तुम जनेजाहा तुम बाला की खूबसुरत पर अब तुम्हारी गिनती बे ईमान बिछरो मैं है।।
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