गुलाबो के खुशबू बाजारो मैं है ।
तुम जैसे खूबसुरत लाखो हजारो मैं है।।
तुम हुस्न परी तुम जनेजाहा तुम बाला की खूबसुरत
पर अब तुम्हारी गिनती बे ईमान बिछरो मैं है।।
Writer’s notebook
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खुदा क्यों मानते हो उन्हें इंसान ही तो है।
चलो माना खुदा है भी चलो माना खुदा है पर।
3-4 दिन के मेहमान ही तो है।।
Dekha h andekha hona bhi, dekh kar bhi andekha hona dekha hai...
Sath chalna Bhi dekha hai, kisike sath
chalkar bhi aakela hona dekha hai...
Dekha hai kisiki narazgi mei pyar bhi, kisiki mohobbat mei bhi badnam hote dekha hai...
Dekha hai gulab hmne, aur gulab ke
Kato ko chubte bhi dkha h...
Mayank Tyagi

मोहोबात का कुछ ऐसा मंजर है
प्यार तेरा सर चढ़ा है
शराब पी है नशा है
पर सुरूर तेरा सर चढ़ा है
ना भूले है ना भूल पाने के फितूर है तेरा जो सर चढ़ा है
मयंक त्यागी

गुजारे थे जो लम्हे उनके साथ अगोशी मैं
जी रहे है उन्ही के साथ खामोशी मैं।
मयंक त्यागी

जहा छोड़ कर गए थे वही छूटे जा रहे है।
ऐसा नही मोती चमकते नही पर जितने चमकते है उतने टूटे जा रहे है।
हम शांत है पर सवाल है मन के भवसागर जो बार बार कूद से पूछे जा रहे है?
गलती क्या थी हमारी जो टूटे जा रहे है।।
मयंक त्यागी

आग भी बुझ गई हमारे मेखाने की ।
एक कसक है दिल मैं तुम्हारे वापस ना आने की।
बीत जायेगा ये सर्द दिन और गमगीन रात जसे बीत गई शाम हमारी मेखने की।।
मयंक त्यागी

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