वो हमें भूल भी जायें तो कोई गम नहीं, जाना उनका जान जाने से भी कम नहीं, जाने कैसे ज़ख़्म दिए हैं उसने इस दिल को, कि हर कोई कहता है कि इस दर्द की कोई मरहम नहीं।
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.