हर खुशनुमा माहौल को तुम शबनम-ए-शाम मत कहना, कहीं मिल जायो जो धोखा उसे प्यार का अंजाम मत कहना। हर शख्श की एक ही चाहत है कुछ अच्छा पा लूँ इस जहाँ में, चुपचाप अपना लेना गमों को मौत को सलाम मत कहना।।
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