मेरी आँखों में तुम अपनी परछाइयाँ देख लेना, फुरसत मिले तो दिल की वीरानियाँ देख लेना, तुम नहीं जानती गर क्या है तुम्हारी अहमियत, जरा पलटकर तुम हमारी कहानियाँ देख लेना।
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