Skip to content
ShayariBooksA home for words.
Sad Shayari · A moment in words

Sad Shayari

जहा छोड़ कर गए थे वही छूटे जा रहे है। ऐसा नही मोती चमकते नही पर जितने चमकते है उतने टूटे जा रहे है। हम शांत है पर सवाल है मन के भवसागर जो बार बार कूद से पूछे जा रहे है? गलती क्या थी हमारी जो टूटे जा रहे है।। मयंक त्यागी

A conversation in words

0 comments

Log in to join the conversation.