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Between the lines

Poetry

Verses in Hindi and English. Slow down, read a little, and find what speaks to you.

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93 collectionsLatest published writing · Page 3
Poetry

Poem On Birds In Hindi

By Priyanka Yadav

कौन सिखाता है चिड़ियों  को, ची ची ची ची करना ? कौन सिखाता फुदक फुदक कर, उनको चलना फिरना ? कौन सिखाता फुर्र से उड़ना, दाने  चुग-चुग खाना ? कौन सिखाता तिनके ला ला, कर घों…

Poetry

Birds

By Priyanka Yadav

कलरव करती सारी चिड़िया, लगती कितनी प्यारी चिड़िया | दाना चुगती, नीड बनाती, श्रम से कभी न हारी चिड़िया | भूरी, लाल, हरी, मटमैली, श्रंग-रंग की न्यारी चिड़िया | छोटे-छोटे पर है लेकिन,    …

Poetry

Sanam Ve

By Sanam ve

kitne shale pauv mein kitna khoon hai akhon main.. mai nhi ginta, kitni bar mrraa hu jitni bar jeeye koi kitne ruthe mujhse..... main nhi ginta, yha rhu kbhi wha rhu safar kha…

Poetry

Kabootar - Dove

By Priyanka Yadav

कबूतर भारत सहित काई देशों में, यह पक्षी मिल जाता. भरता है लंबी उड़ान यह, सारा जग बतलाता. धवल, सफेद और कुछ काला, रंग बिरंगा होता. पास बस्तियों के रहता है, खंडहरों में सोता. विश्व…

Poetry

श्वेत कबूतर

By Priyanka Yadav

मेरे आंगन श्वेत कबूतर! उड़ आया ऊंची मुंडेर से, मेरे आंगन श्वेत कबूतर! गर्मी की हल्की संध्या यों– झांक गई मेरे आंगन में झरीं केवड़े की कुछ बूंदें, किसी नवोढ़ा के तन–मन में; लहर गई सत…

Poetry

c

By Priyanka Yadav

कबूतर भोले-भाले बहुत कबूतर मैंने पाले बहुत कबूतर ढंग ढंग के बहुत कबूतर रंग रंग के बहुत कबूतर कुछ उजले कुछ लाल कबूतर चलते छम छम चाल कबूतर कुछ नीले बैंजनी कबूतर पहने हैं पैंजनी कबूतर…

Poetry

n त बयान गरोस

By Priyanka Yadav

न त बयान गरोस देवकोटाको मुना मदनले न कलि दास को मेघदूत दूत ले गर्न सकोस अहिले मनै तिम्रो एक मात्र साहारा भएपनी म त्यों होइन जो तिम्रो लागी मर्न सकोस मत सुबास हू, सोभा हू ,बिहानी को…

Poetry

Guru Purnima

By Priyanka Yadav

Afghanistan – the Teachers’ Day falls on 3 Saur (3 Ordibehesht). That is the 3rd day of the local month that falls in April and May. The schools don’t have a holiday on that day as…

Poetry

देशको मुहा

By Priyanka Yadav

मुहार धेरै छन तर अनुहार एउटै  मुटु धेरै छन तर धड्कन एउटै  हिडाइ धेरै छन तर हाम्रो भाषा एउटै    तर,  हामी नेपालीहरु छरिएर रहेका नेपालीहरु धेरै छौ  हाम्रो देश ने…

Poetry

पिडा

By Priyanka Yadav

जिन्दगीको परिभाषा खोज्दै जादा त्यहा मात्र पिडाको आभाष पाए । पाइला पाइलामा संघर्ष गर्दै जादा त्यहा असफल्ताको साथ पाए ।   मनमा कति पिडाले बास बसेको छ, कति घाउहरु लागेको छ त्यो…

Poetry

Desh Bhakti

By Priyanka Yadav

मातृभूमि तेरे चरणों में अपना शीश झुकाऊं सुन पुकार हंस बलबेदी पर अपने प्राण चढ़ाऊँ जीवन का उद्देश्य तुम्हारा कण कण हरा बनाना तन मन धन कर अर्पित, तेरा अनुपान रूप सजाना कर…

Poetry

Mother

By Priyanka Yadav

हजारो फूल चाहिए, एक माला बनाने के लिए, हजारों दीपक चाहिए, एक आरती सजाने के लिए, हजारों बूंदे चाहिए, समुंदर बनाने के लिए, परंतु मां अकेली ही बच्चों की जिंदगी को स्वर्ग ब…

Poetry

Motivational

By Priyanka Yadav

मै नन्हा सा अंकुर मुझको,  सूरज पाना है | आंधी, पानी, तेज हवाएं, शीत लहर तूफानी | जाना मुझको दूर बहुत है, राह बड़ी अनजानी | चारो तरफ बवंडर फिर भी, जड़े जमाना है | मै नन्…

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