Skip to content
ShayariBooksA home for words.
Between the lines

Poetry

Verses in Hindi and English. Slow down, read a little, and find what speaks to you.

Share your writing ↗
93 collectionsLatest published writing · Page 4
Poetry

बच्चे के प्रति माँ की भावना

By Priyanka Yadav

बच्चे भगवान का रूप होते हैं ये हम सभी जानते हैं| उनकी प्यारी सी मुस्कान हर किसी के मन को मोह लेती है| इस कविता (Poem on Child in Hindi) में कवि ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि ए…

Poetry

“जल ही जीवन है”

By Priyanka Yadav

पर्यावरण को बचाना हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं है, बल्कि हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है| इसके लिए बच्चों में नैतिकता का संचार करते हुए कवि ने अपनी कविता (Poem on Water in Hindi) क…

Poetry

शिक्षाप्रद

By Priyanka Yadav

बहुत जरूरी होती शिक्षा, सारे अवगुण धोती शिक्षा | चाहे जितना पढ़ ले हम पर, कभी न पूरी होती शिक्षा | शिक्षा पाकर ही बनते है, नेता, अफसर, शिक्षक | वैज्ञानिक, मंत्री, व्यापा…

Poetry

प्रकृति पर आधारित सुंदर कविताएं

By Priyanka Yadav

प्रकृति हमें जीवन जीने की कला सिखाती है| प्रकृति में समस्त क्रियाएं बहुत ही सरलता के साथ होती है जैसे तारों का चमकना, नदियों का निरंतर बहते रहना, तथा सूर्य का उदय होना| हमें प्रकृत…

Poetry

मां बाप तो बोझ लगे, पत्थर लगे गणेश

By Priyanka Yadav

पानी के बिना नदी बेकार है, अतिथि के बिना आंगन बेकार है, प्रेम ना हो तो सगे-संबंधी बेकार है, पैसा न हो तो पॉकेट बेकार है और जीवन में गुरु न हो तो जीवन बेकार है| इसलिए जीवन…

Poetry

जिंदगी पर आधारित

By Priyanka Yadav

 जिंदगी की आपाधापी में कब हमारी उम्र निकली पता ही नहीं चला| कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे कब कंधे तक आ गए पता ही नहीं चला| किराए के घर से शुरू हुआ सफर कब अपने घर तक आ गया पता ही नहीं…

Poetry

Rajdeep

By Raj Deep

                     सावन की झड़ी            नहला के गया सूखे पेड़ पौधों को         जो खड़े थे कर -सर ऊंचा  अभियान से               खुशी की आंसू टपक रहा है                      हरे…

Poetry

कविता - नहीं सुनाई

By Priyanka Yadav

नानी मुझे कहानी हुए चार दिन नहीं सुनाई  नानी मुझे कहानी। चिड़ियों वाली  आज सुना दो, कैसे खातीं खाना? दांत नहीं  फिर भी चब जाता, कैसे उनसे खाना? कैसे घूंट चोंच में भरतीं, कैसे पीती…

Poetry

प्रेम स्वरूप

By Mukesh Negi

ऐ मालिक तू  गर एक है तो तेरी नजाकत को मैं परखना चाहता हूँ। तू समंदर है तो तेरे दरिया मे, मैं उतरना चाहता हूँ। मैं कर नही सकता पार भवसागर के दुख से स्वयं को। तू रोशनी दे सच की ताकि…

Poetry

GUMNAAM SHAYAR

By Gopi Sidhu

Kuj baatee heer ki Ishq main hoye faqeer  Ranjhee faqeer ki  Jo Darad de gya Ous Yaar ki  Roohani payar ki  GUMNAAM SHAYAR shayari ki Mere geetoo ki dayari ki  WRITER GOPI SIDHU 

Poetry

Love shayari

By Kamal Gupta

अच्छा लगता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ जैसे कोई सुबह जुडी हो किसी हसीन शाम के साथ Accha Lagta Hai Tera Naam Mere Naam Ke Sath Jaise Koi Subah Judi Ho Koi Saam Se Saat

Poetry

Spring

By Sonu Kumar

To what purpose, April, do you return again?  Beauty is not enough.  You can no longer quiet me with the redness  Of little leaves opening stickily.  I know what I know.  The…

Poetry

Hindi shayri

By Jkd Rajput

वो बेवफा मेरा इम्तिहान क्या लेगी मिलाएगी नजरो से नजर तो नजर झुका लेगी  उसे मेरी कब्र पर दिया जलाने को मत कहना यारो  वो नादान है अपना हाथ जला लेगी

Your voice belongs here.

Share a thought, a poem or a story with the community.

Start writing ↗