Skip to content
ShayariBooksA home for words.
Between the lines

Poetry

Verses in Hindi and English. Slow down, read a little, and find what speaks to you.

Share your writing ↗
93 collectionsLatest published writing · Page 5
Poetry

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

By Sonu Kumar

हम पंछी उन्मुक्त गगन के पिंजरबद्ध न गा पाऍंगे कनक-तीलियों से टकराकर पुलकित पंख टूट जाऍंगे । हम बहता जल पीनेवाले मर जाऍंगे भूखे-प्यासे कहीं भली है कटुक निबोरी कनक-कटोरी की मैदा से…

Poetry

Love Poem

By Antonio Marco

Your love Is like a gigantic spongeThat absorbs the fountain of my painSoaking it instantly in invisible art I feel it and hold it fast in my heartIt works wonder, awakens my soulT…

Poetry

kumar vishwas

By Munna Yadav

दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौला बस इतना अता करना चाहे जन्नत ना अता करना मौला शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो होठों पर ग…

Poetry

Munna Yadaw

By Munna Yadav

मेरा ये दिल है तेरा ठिकाना ज़हन के हर एक ख़याल में तुम,निगाह में भी तुम्ही बसे हो, जुबां के हर एक सवाल में तुम। तुम्हारे गीतों की गुनगुनाहट अभी भी कानों में गूंजती है ,हो राग गौरी की…

Poetry

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना SARVESHWAR DAYAL SAXENA

By Munna Yadav

सर्वेश्वर दयाल सक्सेनापेड़ों के झुनझुने,बजने लगे;लुढ़कती आ रही हैसूरज की लाल गेंद।उठ मेरी बेटी सुबह हो गई।तूने जो छोड़े थे,गैस के गुब्बारे,तारे अब दिखाई नहीं देते,(जाने कितने ऊपर च…

Poetry

शिवमंगल सिंह ‘सुमन SHIVMANGAL SHINGH SUMAN

By Munna Yadav

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार  आज सिन्धु ने विष उगला है लहरों का यौवन मचला है आज हृदय में और सिन्धु में साथ उठा है ज्वार तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार  लहरों…

Poetry

रामावतार त्यागी RAMAUTAR TAYAGI

By Munna Yadav

एक भी आँसू न कर बेकार एक भी आँसू न कर बेकार - जाने कब समंदर मांगने आ जाए!            पास प्यासे के कुआँ आता नहीं है,            यह कहावत है, अमरवाणी नहीं है,            और जिस के प…

Poetry

अटल बिहारी वाजपेयी Atal Bihari Vajpayee

By Munna Yadav

पंद्रह अगस्त की पुकार पंद्रह अगस्त का दिन कहता: आज़ादी अभी अधूरी है।  सपने सच होने बाकी है,  रावी की शपथ न पूरी है॥ जिनकी लाशों पर पग धर कर आज़ादी भारत में आई, वे अब तक हैं खान…

Poetry

GOPAL DASH गोपालदास "नीरज"

By Munna Yadav

1. तब मानव कवि बन जाता है!जब उसको संसार रुलाता,वह अपनों के समीप जाता,पर जब वे भी ठुकरा देतेवह निज मन के सम्मुख आता,पर उसकी दुर्बलता पर जब मन भी उसका मुस्काता है!तब मानव कवि बन जाता…

Poetry

Dushyant Kumar

By Munna Yadav

वसंत आ गयाऔर मुझे पता नहीं चलानया-नया पिता का बुढ़ापा थाबच्चों की भूखऔरमाँ की खांसी से छत हिलती थी,यौवन हर क्षणसूझे पत्तों-सा झड़ता थाहिम्मत कहाँ तक साथ देतीरोज मैं सपनों के खरल मे…

Poetry

हरिवंशराय बच्चन Harivansh Rai Bachchan

By Munna Yadav

मधुशाला 1  मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला, पहले भोग लगा लूँ तेरा फिर प्रसाद जग पाएगा, सबसे पहले तेरा स्वागत करती मेरी मधुशा…

Poetry

केदारनाथ सिंह kedar nath singh

By Munna Yadav

अरुण होता  'अगर नहीं मेरे स्वरों में तुम्हारे स्वर अगर नहीं हैं मेरे हाथों में तुम्हारे हाथ अगर नहीं है मेरे शब्दों में तुम्हारी आहट तो मेरे भाई, मुझे पछाड़ खाए बादलों की तरह ट…

Poetry

साजन! होली आई है! - Sajan Holi Aai Hain

By Munna Yadav

साजन! होली आई है! साजन! होली आई है!सुख से हँसनाजी भर गानामस्ती से मन को बहलानापर्व हो गया आज-साजन ! होली आई है!हँसाने हमको आई है!साजन! होली आई है!इसी बहानेक्षण भर गा लेंदुखमय जीवन…

Poetry

Red Bird of Winter

By Munna Yadav

Every morning you call to me.Long after the leaves have fallen,you still cometo perch on thorny branches.Today your songis a reproach:tsk, tsk. I couldn’t sleep again.I rise from b…

Poetry

प्रकृति (Nature)

By Munna Yadav

ये प्रकृति शायद कुछ कहना चाहती है हमसे ये हवाओ की सरसराहट ये पेड़ो पर फुदकते चिड़ियों की चहचहाहट ये समुन्दर की लहरों का शोर ये बारिश में नाचते सुंदर मोर कुछ कहना चाहती है हमसे ये प…

Your voice belongs here.

Share a thought, a poem or a story with the community.

Start writing ↗