हम पंछी उन्मुक्त गगन के
By Sonu Kumarहम पंछी उन्मुक्त गगन के पिंजरबद्ध न गा पाऍंगे कनक-तीलियों से टकराकर पुलकित पंख टूट जाऍंगे । हम बहता जल पीनेवाले मर जाऍंगे भूखे-प्यासे कहीं भली है कटुक निबोरी कनक-कटोरी की मैदा से…
Verses in Hindi and English. Slow down, read a little, and find what speaks to you.
हम पंछी उन्मुक्त गगन के पिंजरबद्ध न गा पाऍंगे कनक-तीलियों से टकराकर पुलकित पंख टूट जाऍंगे । हम बहता जल पीनेवाले मर जाऍंगे भूखे-प्यासे कहीं भली है कटुक निबोरी कनक-कटोरी की मैदा से…
Dreams Hold fast to dreamsFor if dreams dieLife is a broken-winged birdThat cannot fly.Hold fast to dreamsFor when dreams goLife is a barren fieldFrozen with snow. ............…
On Being Brought From Africa 'Twas mercy brought me from my Pagan land, Taught my benighted soul to understand That there's a God, that there's a Saviour too: Once I redemption nei…
Your love Is like a gigantic spongeThat absorbs the fountain of my painSoaking it instantly in invisible art I feel it and hold it fast in my heartIt works wonder, awakens my soulT…
One day in spring, a woman cameIn my lonely woods,In the lovely form of the Beloved.Came, to give to my songs, melodies,To give to my dreams, sweetness.Suddenly a wild waveBroke ov…
दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौला बस इतना अता करना चाहे जन्नत ना अता करना मौला शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो होठों पर ग…
मेरा ये दिल है तेरा ठिकाना ज़हन के हर एक ख़याल में तुम,निगाह में भी तुम्ही बसे हो, जुबां के हर एक सवाल में तुम। तुम्हारे गीतों की गुनगुनाहट अभी भी कानों में गूंजती है ,हो राग गौरी की…
सर्वेश्वर दयाल सक्सेनापेड़ों के झुनझुने,बजने लगे;लुढ़कती आ रही हैसूरज की लाल गेंद।उठ मेरी बेटी सुबह हो गई।तूने जो छोड़े थे,गैस के गुब्बारे,तारे अब दिखाई नहीं देते,(जाने कितने ऊपर च…
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार आज सिन्धु ने विष उगला है लहरों का यौवन मचला है आज हृदय में और सिन्धु में साथ उठा है ज्वार तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार लहरों…
एक भी आँसू न कर बेकार एक भी आँसू न कर बेकार - जाने कब समंदर मांगने आ जाए! पास प्यासे के कुआँ आता नहीं है, यह कहावत है, अमरवाणी नहीं है, और जिस के प…
पंद्रह अगस्त की पुकार पंद्रह अगस्त का दिन कहता: आज़ादी अभी अधूरी है। सपने सच होने बाकी है, रावी की शपथ न पूरी है॥ जिनकी लाशों पर पग धर कर आज़ादी भारत में आई, वे अब तक हैं खान…
1. तब मानव कवि बन जाता है!जब उसको संसार रुलाता,वह अपनों के समीप जाता,पर जब वे भी ठुकरा देतेवह निज मन के सम्मुख आता,पर उसकी दुर्बलता पर जब मन भी उसका मुस्काता है!तब मानव कवि बन जाता…
वसंत आ गयाऔर मुझे पता नहीं चलानया-नया पिता का बुढ़ापा थाबच्चों की भूखऔरमाँ की खांसी से छत हिलती थी,यौवन हर क्षणसूझे पत्तों-सा झड़ता थाहिम्मत कहाँ तक साथ देतीरोज मैं सपनों के खरल मे…
मधुशाला 1 मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला, प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला, पहले भोग लगा लूँ तेरा फिर प्रसाद जग पाएगा, सबसे पहले तेरा स्वागत करती मेरी मधुशा…
अरुण होता 'अगर नहीं मेरे स्वरों में तुम्हारे स्वर अगर नहीं हैं मेरे हाथों में तुम्हारे हाथ अगर नहीं है मेरे शब्दों में तुम्हारी आहट तो मेरे भाई, मुझे पछाड़ खाए बादलों की तरह ट…
साजन! होली आई है! साजन! होली आई है!सुख से हँसनाजी भर गानामस्ती से मन को बहलानापर्व हो गया आज-साजन ! होली आई है!हँसाने हमको आई है!साजन! होली आई है!इसी बहानेक्षण भर गा लेंदुखमय जीवन…
Every morning you call to me.Long after the leaves have fallen,you still cometo perch on thorny branches.Today your songis a reproach:tsk, tsk. I couldn’t sleep again.I rise from b…
ये प्रकृति शायद कुछ कहना चाहती है हमसे ये हवाओ की सरसराहट ये पेड़ो पर फुदकते चिड़ियों की चहचहाहट ये समुन्दर की लहरों का शोर ये बारिश में नाचते सुंदर मोर कुछ कहना चाहती है हमसे ये प…
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