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लगता है महफिल में उतरना पड़ेगा दुबारा ,
कुछ लोग भूल गए हैं अंदाज हमारा....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
Writer’s notebook
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गमों की व्याख्या क्या लिखूं मैं....
गम तो मुझसे है ,
मैं गम मे नही...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
मै अपने अधूरे सपने में आज भी मदहोश हूँ ,
स्वार्थ नहीं था आपना कोई इसीलिए खामोश हूँ...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
ज़िंदगी के तजुर्बे ने एक बात सिखलाई है ,
नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है....✍
~bhai Ka Chhota bhai
हम रोज उदास होते है और शाम गुजर जाती है ,
किसी रोज शाम उदास होगी और हम गुजर जायेंगे....✍
~भाई का छोटा भाई
किसको दर्द बताऊ किसको दास्ता सुनाऊ यहां सब बहरे हैं ,
जख्म तो नहीं हैं पर कैसे बताऊं कि दर्द गहरे हैं....✍
-bhai Ka Chhota bhai
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