अंदर ही अंदर मेरे दोस्त को फिक्र खाए जा रहा है,
वो टूट कर भी अपनी मोहब्बत को चाह रहा हैं....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
Writer’s notebook
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पता चला है सिगरेट का नशा करता है,
यार मेरा दूसरी दुकान में जाकर वफा करता है ,
सिगरेट छुप छुप के पीने वाले वे दिन चले गए ,
मेरा दोस्त अब सबके सामने नशा करता है....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
जो टूट कर भी मुस्कुरा दे ,
वो बेशर्म हूं मैं....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
इस ज़िन्दगी में कितनी घुटन हो रही हैं ,
ये जिंदिगी अब हम से न सहन हो रही है...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
सिगरेट मेरा यारा
एक तू ही तो है सहारा ,
जिस दिन घर छोड़ कर आया था ,
उस दिन मुझे कोई नहीं रोक पाया था ,
सिगरेट उस दिन तूने ही तो मुझे सम्भाला था ,
एक हाथ मे सिगरेट तो दूसरे हाथ में प्याला था ,
जब हाथ में लिया प्याला तो मेरी जिंदगी शर्मिंदगी थी ,
पर क्या करें उस टाइम पर घर की यादें जिंदा थी,
प्याला की एक ही मारी थी घूंट ,
और घर की गई सारी यादें गई छूट ,
अरे सिगरेट तेरे एहसान को मै कैसे भूल जाऊं ,
तुझे तो मैं अंतिम दम तक अपने मुंह से लगाऊ,
अरे कहने दे दुनिया को जो कहती है ,
दुनिया कहां दूसरों के दर्द को समझती हैं ,
उन्हें क्या पता कि दर्द में किसने साथ निभाया था ,
एक सिगरेट के कारण ही तो मैं बच पाया था ,
सिगरेट ने निभाई क्या यारी है , जिंदगी से ज्यादा मुझे सिगरेट प्यारी है ,
अगर सिगरेट ना होती गम भरी जिंदगी में दम घुट जाता ,
और सच कहूं तो मै ऐसे ही मर जाता ,
अपने गम को जब मै सह लेता हूं ,
मै भाई का छोटा भाई अपने गमों को अल्फाज देता हू....✍
by bhai Ka Chho…
फिर वही ज़िन्दगी वही बात होगी,
नए साल की एक नई शुरुआत होगी...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
सपनो को हकीकत बनाने में,
हम कितने खर्च हो गए कमाने में....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
साहब रात में फोन जमा कर लेते हो
मैं अल्फ़ाज सिऊगा कैसे ,
आपको तो पता है साहब मोबाइल शरीर का अंग गया है
उसके बिना मै जिऊगा कैसे..... ✍️
~~भाई का छोटा भाई~
मुझे मनाओ मत मेरी बात समझो ,
मैं नाराज़ नहीं हूँ परेशान हूँ इन दिनों...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
अजीब सा दर्द है इन दिनों यारों ,
न बताऊं तो ‘कायर’, और बताऊँ तो ‘शायर’...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
दुआओं में बहुत ताकत है किसी ने सच कहा ,
कल मैं बुरी तरह से गिरा और जिन्दा बच गया....✍️
~~भाई का छोटा भाई~
कभी रात भर जगाया और कभी थका कर सुला दिया ,
दर्द को जितना छिपाया उतना ही हमको रुला दिया...✍️
~~भाई का छोटा भाई~
क्या लिखु मैं अपने बारे मे ये ज़िन्दगी नही है किसी काम की ,
छुट्टी भी मिली तो नाम की... ✍️
~~भाई का छोटा भाई~
किसी के मतलब का नहीं हूं,
शायद इसलिए बुरा हूं..?
मेरी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा रोग ,
हम ये करेंगे तो क्या सोचेगे लोग.... ✍️
~~भाई का छोटा भाई~
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