अकेला चलने के भी अलग ही फायदे है,
अपने हर कदम पर साथ थोड़ी नीबाह ते है,
किताबों का ज्ञान बहुत कम ही काम में आता है,
ये दुनिया में जीना स्कूल कहां सिखाता है?
__नितिन यादव___
Writer’s notebook
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खुशियों को ज़िन्दगी में आने में ज़रा वक़्त लगता है,
अपनी खामियों को हर कोई समजता है,
सब लोग चिपा कर रखते है अपनी कमजूरी,
कामयाबियों का धिंडोरा हर कोई पीठ ता है,
लोग दूसरों को नीचा दिखाने लगते है कमियाब होने पर,
पर वो भूल जाते है की चड़ता सूरज भी कभी ढलता है।।
___नितिन यादव__
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