मां बाप का कर्ज कोई चुका नहीं सकता,
कभी कोई अपने जान से प्यारो को भुला नहीं सकता,
चाहे घूम लो दुनिया का हर एक कोना,
भारत मां को कोई भुला नहीं सकता।
_नितिन यादव_
Writer’s notebook
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दूर जब कोई अपना हो जाए तो बहुत बुरा लगता है,
वक़्त बहुत धीरे धीरे गुजरने लगता है,
तनहा हो जाते है अपनों के बिना,
मजबूरी में रोना भी ज़रूरी लगता है।।।।
__नितिन यादव__
अकेला चलने के भी अलग ही फायदे है,
अपने हर कदम पर साथ थोड़ी नीबाह ते है,
किताबों का ज्ञान बहुत कम ही काम में आता है,
ये दुनिया में जीना स्कूल कहां सिखाता है?
__नितिन यादव___
खुशियों को ज़िन्दगी में आने में ज़रा वक़्त लगता है,
अपनी खामियों को हर कोई समजता है,
सब लोग चिपा कर रखते है अपनी कमजूरी,
कामयाबियों का धिंडोरा हर कोई पीठ ता है,
लोग दूसरों को नीचा दिखाने लगते है कमियाब होने पर,
पर वो भूल जाते है की चड़ता सूरज भी कभी ढलता है।।
___नितिन यादव__
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