प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। में तुम्हारे मन को समझ ने की कोसिस कियथा, तन को नही। में तुम्हे महसूस करने की सोचा था, पाने की नही। प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। पता है, तुम्हारे साथ में सेलफी भी ना ले पाया अभितक, ये सोच के , कहीं तुम्हे ऑकवार्ड ना लगे।। और तुम्हें मेरे पे ही भरोसा नही।। अरे, प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। उस दिन बहुत बुरा लागा था, जब तुम मेरे साथ चलनेके बोलके फिर इनकार करदियेथे , वो भी कोई तिश्रे के कारण, अरे तुम ऐसे ही मना करदेते सैयद में मान लेता... पर जो हुआ अच्छा नहीं हुआ। अरे, प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे ।। मन तो बहुत था, तुम्हारे साथ कुछ पल अकेले में बिताने की, मुझे गलत मत समझो, माने कुछ अपनी बात करना था, पर कभी पूछ ही नी पाया, चाहे वो चाय ब्रेक हो या फिर लंच ब्रेक हो ये सोच के , कहीं तुम्हे ऑकवार्ड ना लगे।। अरे, प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे।। काश पहले जैसा सब कुछ वापस लौट आए वोही पुरानी हंसना, खुल्के बाते शेयर करना, लौट आए।। वैसे आज तुम बहुत gum sum thi अरे इतना भी मत सोचो ।। प्यार ही ना सही, दोस्ती तो हे।। #Friendship forever
Mahipal is online
Shivansh is online
rehan is online
gulab is online
arun is online
Musab is offline
Laden is offline
Jamesmut is offline
Dileep is offline
Munna is offline
geeta is offline
kamal is offline
Jhunnu is offline
Jack is offline
abhay is offline
Please Login or Sign Up to write your book.