????????
*??प्रभात_पुष्प ??*
?चलते रहे कदम तो
किनारा जरुर मिलेगा ।
अन्धकार से लड़ते रहे
सवेरा जरुर खिलेगा ।
जब ठान लिया मंजिल पर जाना
रास्ता जरुर मिलेगा ।
ए राही न थक, चल.
एक दिन समय जरुर फिरेगा…।
*??शुभ प्रभात☘?*
✨✨✨✨✨✨✨
Writer’s notebook
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*"आँसू न होते तो आँखे इतनी खुबसूरत न होती,*
*दर्द न होता तो खुशी की कीमत*
*न होती|*
*अगर मिल जाता सब-कुछ केवल चाहने से,*
*तो दुनिया में _"ऊपर वाले"_की जरूरत ही न होती!!* ✍
☺?☺
माली *प्रतिदिन* पौधों में पानी
देता हॆ।
मगर फल?सिर्फ
*मौसम* में ही आता हॆ।
इसीलिये जीवन में *धैर्य* रखें
प्रत्येक चीज अपने *समय* पर
होगी
प्रतिदिन *बेहतर* काम करें
समय पर फल जरुर मिलेगा ।
?????
*नेक लोगों की संगत से*
*हमेशा भलाई ही मिलती हे,*
*क्योंकि....*
*हवा जब फूलो से गुज़रती हे,*
*तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे.*
?*सुप्रभात*?
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पंछी बनु उड़ता फिरू मस्त गगन में,
आज मुझे रोके न कोई इस चमन में!
भोर भयो, बिन शोर,
मन मोर, भयो विभोर,
रग-रग है रंगा, नीला भूरा श्याम सुहाना,
मनमोहक, मोर निराला।
रंग है, पर राग नहीं,
विराग का विश्वास यही,
न चाह, न वाह, न आह,
गूँजे घर-घर आज भी गान,
जिये तो मुरली के साथ
जाये तो मुरलीधर के ताज।
जीवात्मा ही शिवात्मा,
अंतर्मन की अनंत धारा
मन मंदिर में उजियारा सारा,
बिन वाद-विवाद, संवाद
बिन सुर-स्वर, संदेश
मोर चहकता मौन महकता।
मेरे इश्क़ के चर्चे बहुत होंगे
पर अफ़सोस तेरा जिक्र न होगा।
हम होंगे तन्हाइयों में
पर तुझे खोने का कोई गम न होगा।
तू बेशक़ होगी हूर ज़माने की
पर तेरे नसीब में फिर कोई महफ़िल न होगा।
हम तो यू ही खमोश होंगे ज़नाज़े पर
पर ज़माने में रौशन हमारा इश्क़ होगा।।
Dosti do sharir me rahnewali ek atma hai.
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