सूरज निकलने का वक़्त हो गया,
फूल खिलने का वक़्त हो गया,
मीठी नींद से जागो मेरे दोस्त,
सपने हक़ीकत में लाने का वक़्त हो गया!!
Writer’s notebook
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चलते रहे कदम.. किनारा जरुर मिलेगा,
अन्धकार से लड़ते रहे सवेरा जरुर खिलेगा,
जब ठान लिया मंजिल पर जाना रास्ता जरुर मिलेगा,
ए राही न थक चल.. एक दिन समय जरुर फिरेगा।
फूलों की वादियों में हो बसेरा तेरा,
सितारों के आँगन में हो घर तेरा,
दुआ है एक दोस्त की एक दोस्त को,
कि तुझसे भी खूबसूरत हो सवेरा तेरा.
ऐ हसीन चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
लाखो तारों की सजी महेफिल संग रोशनी करना,
तुम छुपा लेना अँधेरे को ऐसे,
हर रात के बाद एक खुबसूरत सँवेरा देना,
गुलशन में भँवरो का फेरा हो गया,
पूरब में सूरज का डेरा हो गया,
मुस्कान के साथ आँखे खोल प्यारे,
एक बार फिर से प्यारा सा सवेरा हो गया…
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