1.माँ तेरी याद सताती है मेरे पास आ जाओ थक गया हूँ मुझे अपने आँचल में सुलाओ उँगलियाँ फेर कर बालों में मेरे एक बार फिर से बचपन की लोरियाँ सुनाओ2
2.खुदा की रहमत है हम पर जो उनका प्यार मिला जन्नत से हसीन कई यादो का उपहार मिला क्यों करे हम उस खुदा से अब कोई शिकवा कोई गिला जिसने हमको माँ का प्यार दिलाया जिसको पाकर मैं और तू खिला
3.क्यों भूल जाते है हम उस माँ को वक़्त के साथ साथ नहीं रहता हमको उनका कोई ख्याल क्या होता होगा उस माँ के दिल का हाल जिसने हमारे लिए भुला दिया अपना हर एक ख्वाब
4.क्यों ख्याल नहीं रहता हमको उनका वो तो बस हर पल हमारी याद करती है जब भी जाती है किसी मंदिर या मस्जिद में सबसे पहले हमारी सलामती की दुआ करती है
5.क्या वजूद होगा हमारा जो हम उनको भूल जाये फिर कभी तन्हाई में हम खुद को ही तड़पाये रोये हम बेहिसाब कोई आंसू पौंछने ना आये खुद को युही कोसते रहे और बस पछताए
6.मेरी गलतियों को माफ़ कर देती है बहुत गुस्से में होती है तो भी प्यार देती है होठों पे उसके हमेशा दुआ…
Writer’s notebook
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