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Ansh_ 8896914463

AZAMGARH

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Writer’s notebook

The writing of Ansh_ 8896914463

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146 piecesLatest published writing · Page 10
Bewafa Shayari
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है, कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद…....!!!
Bewafa Shayari
अपने हसीन होंठों को किसी परदे में छुपा लिया करो, हम गुस्ताख लोग हैं नज़रों से चूम लिया करते हैं........!!
Bewafa Shayari
बात जब इज्जत की आ जाये तो दोस्ती और प्यार दोनों छोड़ देना चाहिए , क्या खूब कहा है किसी शायर ने खुद पर वार के फेके है ऐसे वैसे बहोत मेरा गुरुर सलामत रहे तेरे जैसे बहोत ||
Bewafa Shayari
अब चुप रहना ही सही लगता है क्योकि समझने वाला कोई नहीं है , और जो समझने वाला है वो बातो का अलग ही मतलब निकाल लेता है ||
Bewafa Shayari
साँस और विश्वास दो अलग अलग चीजे है ,मगर काम एक ही करते है | साँस जाए तो जिस्म ख़तम और विश्वास जाए तो रिस्ता ख़तम ||
Bewafa Shayari
आने वाली मोहब्बत कितनी भी पसंदीदा क्यों न हो , लेकिन पीछे छूटने वाली मोहब्बत बेचैन कर ही देती है ||
Bewafa Shayari
कल रात मोहब्बत सपने में आयी और कहने लगी , एक बार और करके देख ले अबकी बार मौत से न मिलवा दिया तो , मेरा नाम बदल देना ||
Bewafa Shayari
उस जगह पर हमेशा खामोस रहना जहा पर दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुड़गान गाते है ||
Bewafa Shayari
जिंदगी तो इतना सीखा ही रही है | कि विश्वाश रखो लेकिन उम्मीद किसी से नहीं ||

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