साँस और विश्वास दो अलग अलग चीजे है ,मगर काम एक ही करते है |
साँस जाए तो जिस्म ख़तम और विश्वास जाए तो रिस्ता ख़तम ||
Writer’s notebook
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टूटे हुए सपनो ने और छूटे हुए अपनों ने मार दिया,
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कराना सीखने आया करती थी ||
आने वाली मोहब्बत कितनी भी पसंदीदा क्यों न हो ,
लेकिन पीछे छूटने वाली मोहब्बत बेचैन कर ही देती है ||
कल रात मोहब्बत सपने में आयी और कहने लगी ,
एक बार और करके देख ले अबकी बार मौत से न मिलवा दिया तो ,
मेरा नाम बदल देना ||
उस जगह पर हमेशा खामोस रहना
जहा पर दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुड़गान गाते है ||
अगर कोई बात बुरी लगे तो दो तरह से सोचना ;
अगर बात जरुरी हो तो इंसान को भूल जाओ और "
अगर इंसान जरुरी हो तो बात को भूल जाओ ||
जिंदगी तो इतना सीखा ही रही है |
कि विश्वाश रखो लेकिन उम्मीद किसी से नहीं ||
मैदान में फिर आ रहा हूँ |
इस बार किस्मत के भरोसे नहीं
अपनी मेंहनत के भरोसे खेलेंगे ||
जिंदगी की हर ठोकर ने एक सबक सिखाया है
रास्ता कैसा भी हो भरोषा सिर्फ अपने पैरो पर ही रखो |
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