कुछ नाशा तो आपकी बात का हैं । कुछ नाशा घीमी बरसात का हैं । हमे आप यू ही शराबी ना कहिए, ये नाशा तो पहला मुलाकात का है।
Writer’s notebook
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मत फेक पत्थर पे पानी इसे भी कोई पिता होगा, जीना है तो मुस्कुरा के जियो तुमको भी देखकर कोई जीता होगा ।


आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं
दिलो की बात करता है जमाना, और मोहब्बत आज भी चेहरों से शुरू होता है।


दिलो की बात करता है जमाना, और मोहब्बत आज भी चेहरों से शुरू होता है।
आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं
राज़ जो कुछ हो इशारों में बता देना हाथ जब उससे मिलाओ दबा भी देना नशा वेसे तो बुरी है, मगर Brajesh से सुननी हो तो थोड़ी सी पिला भी देना
गुलाब, ख्वाब, दवा, ज़हर, जाम क्या क्या हैं में आ गया हु बता इंतज़ाम क्या क्या हैं फ़क़ीर, शाह, कलंदर, इमाम क्या क्या हैं तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या हैं
फूलों की याद आती है काँटों को छूने पर रिश्तों की समझ आती है फासलों पे रहने पर कुछ जज़्बात ऐसे भी होते हैं जो ?आँखों से बयां नहीं होते वो तो महसूस होते हैं ज़ुबान से कहने पर। ? ?
❤️ पतिया ना हिले डालि या ना हिले कुछ ऎसी हवाएं होती है ।
और नज़रों से भी पिलाई जाती है कुछ ऎसि भी दवाएं होती हैं।❤️
चाँद सितारों से तेरी बात करते हैं, तनहाईयों में तुझे याद करते हैं, तुम आओ या ना आओ मर्ज़ी तुम्हारी, हम तो हरपल तुम्हारा इंतजार करते हैं।
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