दिल का दर्द छुपाना कितना मुस्किल हैं ।
गम में मुस्कुराना कितना मुस्किल हैं।
दूर तक जब चलो किसी के साथ, फिर तन्हा लौट कर आना कितना मुस्किल हैं।
Writer’s notebook
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तू बेवफा है तो ले एक बुरी खबर सुन ले कि इंतजार मेरा दुसरा भी करता है।
और हसीन लोगो से मिलने पर एतराज न कर, ये जुर्म ओ है जो शादीसुदा भी करता हैं।
जख्म इतने मिले फिर सिले ही नहीं। दीप ऐसे बुझे फिर जले ही नहीं। ब्यर्थ किस्मत पे रोने से क्या फायदा, सोच लेना कि हम तुम मिले ही नहीं।
इश्क किया बदनाम हो गए ।
चर्चे हमारे सरेयाम हों गए।
और जालिम ने दिल उस वक्त तोड़ा, जब हम उसके प्यार के गुलाम हो गए।
मोहब्बत के नशे में हमने उन्हें खुदा कह डाला, उन्होंने जवाब दिया खुदा किसी एक का थोड़ी होता है।
तेरा किया तुझपे ही आ जाए तो कैसा होगा। जो ज़ख्म तुने मुझे दिया, अगर वो तुझपे आ जाए तो कैसा होगा। हर बार मुकरती है न अपनी बात से, इस बार मैं मुकर जाउ तो कैसा होगा।
हम चाहते हैं तुम्हे और तू चहती है किसी और को।
खुदा करे तू जिसे चहती है वो भी चाहे किसी और को ।।

हम भी कभी इश्क में मुस्कुराया करते थे।
उजालों में भी शोर मचाया करते थे।
मगर उसी दिए ने जला दिया मेरा हाथ, जिसको हम हवाओ से बचाया करते थे।
ये कागज नही दिल हैं सनम, इसपे अक्षर नही इश्क लिखता हूं। तभी तो बेवफाओ के महफिल में मैं अक्सर तनहा दिखता हूं।
दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है उसमें से हर एक बेवफा? नहीं होता उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है!??
हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे किस बात की सजा दी तुने हमको बेवफा हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे।? ? ?
मोहब्बत पहली दुसरी या तीसरी नहीं होती ।
मोहब्बत वहीं है, जिसके बाद मोहब्बत ना हो ।
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