छोड़ दिया मुझे ,
अकेला करके
भरी मेहफ़िल में ,
गुमशुदा करके
ढून्ढ टी है मेरे ,
हर एक नज़र
तेरे प्यार से दुबे हर वो नज़र,
नाराज़ नहीं तुमसे
हो मेरे हमसफर ,
बस नाराज़ हूँ किस्मत से
क्यों लिखा नहीं तुम्हे लकीरोमें I
लोपामुद्रा
Writer’s notebook
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खो दिया सब ,
न जाने पाया है काया,
तुम्हे खो के लगा ,
जिंदगी में और कुछ न रहा
अब खुद को ढूंढ ता हूँ
दुनिया के भीड़ में
पाती हूँ खुद को में
मेरे आंसू के बरसात में I
लोपामुद्रा
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