मजबूर कर देती हैं जिंदगी,,,
वर्ना,
मौत किसको पसंद है
Writer’s notebook
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वक़्त सब कुछ छीन लेता है,
ख़ैर,......
Meri तो मुस्कुराहट ही थी
ये मोहब्बत की कहानी नही मरती,
लेकिन लोग किरदार निभाते हुए मर जाते हैं
इश्क कोई घाव नही जो भर जाएगा,
रिवाज है साहब
हीर के बिना ranjha मर जाएगा
कुछ बातें समझने पर नही,,
अपने आप पर बीत जाने के बाद समझ में आती हैं
एक उम्र to दूर,,,
एक कदम भी साथ न चल सके
मन बहुत करता है हंसने का,,,.
पर किसी की कमी रुला देती है
Na raasto ne sath diya......
Na manjil ne intjaar kiya.....
Mai kya likhu apni jindgi pr......
Mere sath to....
Ummido ne bhi majak kiya
एक शख्स की ही तो बात थी मौला,
पूरी कायनात किसने माँगी थी.
मुझे और मेरे नाम को मिटाने के लिए बहाने ढूँढ रहे हैं,
तरक्की की तो बात छोड़ो जनाब,लोग तो हमारी हंसी से ही जल रहे हैं
मौत को हंसकर गले लगा लेगे,,
ऐ जिंदगी
तूने रुलाया बहुत है
बिना मतलब के ख़ैर नही पूछती ये दुनिया...,
क्योंकि ये दुनिया है, तेरी मां नही
Kho dete...
Phir khoja karte h
Yahi khel ham jindagi bhar khela karte h
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