क्या बताऊँ कौन हूँ मैं, KYA BATAU KON HU MAI
क्या बताऊँ कौन हूँ मैं,
जो तू कह ना सका
वो मौन हूँ मैं।
जो गवाँ दिया
वो चैन हूँ मैं।
तेरा अँधेरा हूँ मैं,
जो तुझे ना मिल सके
वो सवेरा हूँ मैं।
जो ना नज़र हो तुझे
वो ख़्वाब हूँ मै।
जो ना मुकम्मल तुझे
वो नींद हूँ मैं।
जो बेहिसी में गवाँ दी
वो प्यार की किताब हूँ मैं ।
जो आए ना कभी
वो मीठी याद हूँ मैं।
ये जान ले मेरे हमनफ़स
तेरी ज़िंदगी का हिसाब
हूँ मैं।