ज़िन्दगी बिखर गई हैं
यहां वहां
मै उसे समेट कर रखूं
तो रखूं कहां
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
Writer’s notebook
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तू मुझे उड़ता हुआ
परिंदा नजर आता है
अंदर से तू मर चुका है
बस ऊपर से ज़िंदा नज़र आता है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
कुछ तूने दिए
कुछ मैंने कमाए
कुछ दुनिया ने मुझे बांटे है
आय ज़िन्दगी तेरे दामन में
सिर्फ कांटे ही कांटे है
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
सफर ज़िन्दगी का तन्हा तन्हा है
चारों तरफ मेला ही मेला है
इतनी सारी भीड़ मै भी
इंसान अकेला अकेला है
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
मै ज़िन्दगी से ज़िन्दगी मुझसे
बेज़ार हो गई है
मेरा जिस्म नहीं
मेरी रूह बीमार हो गई है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर
ज़िन्दगी को उलझा दिया
मौत आयी मौत ने ज़िन्दगी की
हर उलझन को सुलझा दिया
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
उड़ उड़ के कितना उड़ेगा अय आदमी
तेरी उड़ान भी तो एक हद मै है
चलते चलते कभी भी कहीं भी रुक जाती है
ज़िन्दगी भी तो मौत की ज़द में है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
अय ज़िंदगी तेरे चेहरे पर
एक मुस्कान की खातिर
बहोत आंसू बहाए है
मेरी आंखों ने
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
खौईशे बे सबर सी है
दुआयें बे असर सी है
हर पल की फिकर सी है
ज़िन्दगी मुक्तसर सी है
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
मेरे आज़ाद जिस्म को
क़ैद ए रूह मत देना
बड़ी मुश्किल से काटी है
साजा ए ज़िन्दगी मैंने
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
मै ज़िन्दगी से ज़िन्दगी भर लड़ा
ज़िन्दगी को ज़िन्दगी से जीता ने के लिए
पर ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी से हार ही गई
एसी आंधी चली मेरी ज़िंदगी में
के मेरी ज़िन्दगी से मेरे ज़िन्दगी की
बहार ही गई
ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी से हार ही गई
फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
ज़िन्दगी मज़ाक नहीं है दोस्तों
ज़िन्दगी मैदान ए जंग है
एक तरफ खाई है
एक तरफ आग का दरिया
बीच में रास्ता बड़ा तंग है
ज़िन्दगी मैदान ए जंग है
फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
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