ए मेरी कलम इतना सा अहसान कर दे
कह ना पाई जो जुबान वो बयान कर दे।
Writer’s notebook
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उदासियों की वजह तो बहुत है ज़िन्दगी में,
पर खुश रहने का मज़ा आपके ही साथ है।
खुशनसीब कुछ ऐसे हो जाये,
तुम हो हम हो और इश्क हो जाये।
जो उनकी आँखों से बयां होते हैं,
वो लफ्ज़ शायरी में कहाँ होते हैं।
वो जिसकी याद मे हमने खर्च दी जिन्दगी अपनी,
वो शख्श आज मुझको गैर कह के चला गया।
दीवाना उस ने कर दिया एक बार देख कर,
हम कर सके न कुछ भी लगातार देख कर।
कश्ती के मुसाफिर ने समन्दर नहीं देखा,
आँखों को देखा पर दिल मे उतर कर नहीं देखा,
पत्थर समझते है मेरे चाहने वाले मुझे,
हम तो मोम है किसी ने छूकर नहीं देखा।
मोहब्बत के खर्चो की बड़ी लंबी कहानी है,
कभी फिल्म दिखानी है तो कभी शोपिंग करानी है,
मास्टर रोज कहता है कहाँ है फीस के पैसे?
उसे समझाऊं मैं कैसे की मुझे छोरी पटानी है!!
मुझे इतना भी मत घुमा ऐ ज़िन्दगी,
मैं शहर का शायर हूँ, MRF का टायर नहीं!
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